2019 नए साल का resolution

~By Vinay Mangal

हर नया साल, नया स्वरूप, नई आशाएं और एक औपचारिक resolution….
यह परंपरा हम सभी कई वर्षों से चलाते आये हैं..
कुछ पे हम वाकई अमल करते हैं और अधिकांश बस खुद के लिए बनाई मृग तृष्णा…

वर्ष 2014 कुछ अलग था मगर।
कुछ पल के लिए खुद को 2013 के अंत में लेके जाएं.. पूरा विश्व स्टार्टअप और नई तकनीकीकरण से तेज़ गति से आगे निकल रहा था। हमारे हाथ में एक ऐसा device जो हमें दुनिया देखने और समझने का एक नया आयाम दे रहा था। हम एक दूसरे के सीधे संपर्क में थे। whatsapp और facebook ने हमारे जीवन में अप्रत्याशित बदलाव कर दिए थे।

मन में कई प्रश्न थे और उन प्रश्नों में सबसे मुख्य था की हम 21वी सदी की इस आपाधापी और तेज़ी से बदलती दुनिया में कहाँ खड़े हैं? क्या हम सफल हो पाएंगे? क्या हमारा देश कदम दर कदम दुनिया के साथ दौड़ पाएगा?

हम एक देश के रूप में जूझ रहे थे। घाव ताज़ा थे। हर क्षेत्र में घोटाला था। कई लाख करोड़, घोटाले इतने बड़े की हमारी किसी पीढ़ी ने कभी अनुमान भी नहीं लगाया था। आंतरिक सुरक्षा की हालात यह थी की चीन और पाकिस्तान मानो कल हमारे शहर पे धावा बोल रहे हों। निर्भया के साथ हुआ दुराचार हमारे मन को मानो झिंझोड़ चुका था। वर्तमान सरकार और नेताओं के कितने सच पहली बार सामने आ रहे थे।

परंतु इन सब समस्याओं से हट के हममें एक आशा का संचार था। हमे लग रहा था की नरेंद्र मोदी बिल्कुल सही समय पे देश के पटल पे आएं हैं। ‘अबकी बार मोदी सरकार’ की गूंज थी।
बहुत से लोग अपने काम काज से छुट्टी लेके प्रचार प्रसार में लगे थे।
हमनें 2014 में मोदी सरकार बनाने का resolution लिया था, लेकिन हर साल की तरह ये महज़ एक ख्वाब नहीं रहा। हमनें यह कर दिखाया था।

….
आइये! वर्तमान में लौट के आते हैं।
आज के भारत को देख लगता है की, हमारे 2014 के resolution ने हमें सही सिद्ध किया।
भारत आज पहले से बहुत अच्छी स्थिति में है।

डाटा देखना हो तो ये लिंक चेक करें
https://48months.mygov.in/
https://www.narendramodi.in/category/infographics

और अगर माहौल पे ध्यान देना है तो कुछ देर सब छोड़ के 2013 में स्वयं से बात करें।
सोचें, मोदी का भ्रष्टाचार कहाँ है? मोदी में रिमोट से चलने वाला PM कहाँ है? मोदी के अलावा power सेंटर कहाँ हैं? वो पड़ोसी मुल्कों द्वारा खून खराबा कहाँ है? वो लचर विदेश नीति कहाँ है? वो प्राकर्तिक संसाधनों की लूट कहाँ है?
आज हम 2013 की तरह संशय से भरे नहीं हैं। हमें अपनी सरकार की नीति, नियत और गति पे पूरा विश्वास है।
एक विशेष वर्ग की GST और demonetization को लेके जो हल्की फुल्की शिकायत है, वह भी उसके फायदे देख जल्द दूर हो रही है। ( http://namonamaami.com/whywelost3states/ )

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देश की राजनीति में भागीदारी हमारा परम् कर्तव्य है। राजनीति हमारे परिवार, कुल, नगर, प्रदेश और देश की नियति तय करती आयी है और आगे भी करती रहेगी।

60 महीने के लिए हम भारत देश की सरकार चुनते हैं, तो क्या हम उस प्रक्रिया में अपने 3 महीने भी नहीं दे सकते??
मात्र 5% समय?? और कौनसा हम मोदी जी की तरह 18 घंटे जुट जाएंगे, तो इन 3 महीनों में भी हमें प्रतिदिन कुछ घंटे देने होंगे। यानी 1% से भी कम समय…

क्या हम अपने देश, अपने परिवार, अपने स्वजनों की भलाई और भविष्य के लिए अपना 1% समय भी नहीं देंगे????

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2019 का हमारा resolution है मोदी जी को फिर से प्रधानमंत्री बनाना। उन्हें 300 से अधिक सीटों पे विजयी बनाना।
इसके लिए हम 1 जनवरी से पूर्णतः प्रयासरत रहेंगे।
हम अपने आस पास हर परिवारजन, दोस्त, पड़ोसी, कामगार, ड्राइवर, धोबी, सब्जी वाले, सहकर्मी, सहयात्री, सहायक, यहां तक की गुरुजन से भी बात करेंगे। उन्हें न सिर्फ मोदी जी का साथ देने के लिए अपितु कम से कम 100 जनों से वोट लाने के लिए कहेंगे।
हम अपने whatsapp, facebook, twitter, instagram या किसी भी अन्य सोशल मीडिया साइट पे सही जानकारी प्रेषित करेंगे।

शर्माने का, छुपने का, उदासीन होने का या फिर बेफिक्र होने के लिए बहुत समय मिलेगा।

अगले कुछ महीने, देश के लिए

जय हिन्द… नया साल मुबारक़।

#2019forModiJi

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Vinay Mangal

Dharma and Disha